अब मोतिहारी शहर बाढ़ की चपेट में, चारो तरफ से पानी से घिरा, बूढ़ी गंडक नदी के उफान से सुगौली, बंजरिया व मोतिहारी परेशान

सुदिष्ट नारायण ठाकुर, मोतिहारी: पगलाई बूढ़ी गंडक की विनाशलीला पूर्वी चंपारण में जारी है। उफान मारती यह नदी सुगौली में तबाही मचाते हुए बंजरिया प्रखंड को नेस्तानबूद करने के बाद अब मोतिहारी में कोहराम मचाने की तैयारी में लगी है। सुगौली में तटबंध को छलांगती यह नदी खुले में लोगों की बर्बादी की कहानी लिख रही है। हजारों एकड़ की फसल डूबोते हुए यह आम आदमी को निगलने के लिए बेचैन दिखती है। इसके कहर से बाढ़ पीड़ितों का जीवन ठहर गया है। तबाही मचाती बूढ़ी गड़क नदी का पानी बंजरिया प्रखंड में लोगों को डुबोने की तैयारी कर चुकी है। यहां धान एवं गन्ने की फसल को निगलती नदी ने आम आदमी की ऐसी घेराबंदी कर दी है कि वे घर से निकल भी नहीं सकते, क्योंकि इसने जिला मुख्यालय को जोड़नेवाली सभी सड़कों को डुबो डाला है। अब इसका कहर मोतिहारी शहर पर बरप रहा है।

ठहर गई है सुगौली एवं बंजरिया के लोगों की जिंदगी

 सुगौली प्रखंड के करीब 70 गांव जलमग्न हो चुके हैं और लोग अभी भी घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं, जहां दिन व रात में बारिश की कहर झेल रहे हैं तो रात में बाढ़ के पानी का खौफनाक शोर उन्हें सोने नहीं दे रहा। लोगों की जिंदगी ठहर गई है। बस नाव ही उनके लिए जीवन-मरण का साधन बनी हुई है। बिजली ठप है, जिसके चलते उनका मोबाइल भी चार्ज नहीं हो सकता कि वे किसी से मदद की गुहार भी लगा सकते हैं। बंजरिया प्रखंड का भी यही हाल है। इसके करीब 80 से ज्यादा गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। अमिर लोग अपने पक्के मकान की छत पर शरण लिए हुए हैं तो गरीबों के लिए उंचा स्थान भी नहीं है। कई जगह पर लोग स्कूलों की छत पर शरण लिए हुए हैं। पूरा इलाका जलमग्न है। जबकि सदर प्रखंड का उतरी व पूर्वी  क्षेत्र पूरी तरह से बाढ़ की पानी के चपेट में है। बाढ़ का पानी शहर के मध्य में पहुंचने लगा है। एनडीआरएफ की कोई टीम दिखती है तो लोग छत पर से चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाते हैं। हालात यह है कि पीने के लिए पानी भी नहीं है, क्योंकि चापाकल बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। छत पर बाढ़ के गंदे पानी को लोग उबाल कर पीने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों की स्थिति और भयावह है उन्हें न तो दूध मिल पा रहा है और न ही खाने को बिस्कुट ही। भोजन की आस में बच्चे मदद की आस लगाए बैठे हैं।

मोतिहारी शहर को डराने लगी है बाढ़

अपने खौफनाक इरादे को लेकर बूढ़ी गंडक की बाढ़ ने मोतिहारी शहर पर भी अपनी दस्तक दे दी है। मोतिहारी शहर वर्तमान में चारो तरफ से बाढ़ की पानी से घिरा हुआ है। शहर नीचले इलाके के मुहल्लों को 3 से 6 फीट तक पानी में डूबोती बाढ़ का पानी तेजी से जलस्तर में इजाफा करते हुए नए इलाकों में फैल रहा है। देर रात तक जलस्तर पर ज्यादा वृद्धि होने के कारण इन मुहल्लो में स्थिति और बदतर होने की संभावना है। शहर में से 38 में 23 वार्ड में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण मोतिहारी से ढाका, मोतिहारी छौड़ादानो, मोतिहारी सुगौली आदि का सड़क संपर्क पूरी तरह से भंग है। सड़को कई जगहो पर 3 से लेकर 4 फीट तक पानी का तीव्र गति से बहाव हो रहा है। बाढ़ का पानी शहर के ठाकुरबाडी, नकछेद टोला, मठिया जिरात, हनुमानगढ़ी, धर्मसमाज, खुशबू नगर, कोलुहअरवा, शांतिपुरी, बेलबनवा, मिस्कौट, चिलवनिया, आजाद नगर, अम्बिका नगर, रघुनाथपुर, भलुआ, एकौना, चैलाहां, बाजार समिति, कुंआरी देवी चैक, न्यू अगरवा, बेगमपुर लुथाहां, बासमन, पतौरा, अमर छतौनी, रूपडीह, कमिटी चैक आदि कई जगहो पर तेज से फैल रहा है। वहीं अवधेश चैक, बाजार समिति चैक, मठिया जिरात के सामने, कुंआरी देवी चैक, हरकैना गांव के समीप, कमिटी चैक स्थित मार्ग पर पानी का बहाव जारी है।

पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने शीघ्र राहत व बचाव का दिया निर्देश
पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने डीएम को पत्र भेज कर कहा है कि उनके क्षेत्र के बहुअरी, झिटकहियां, बरवा, पूर्वी एवं पश्चिमी बरवा, दोस्तियां, कमरौला, लखौरा, बिचला टोला लखौरा, पूर्वी एवं पश्चिमी टोला लखौरा, नौरंगिया, कटहरिया, लक्ष्मीपुर, बसपिट्टा, कटहां, गुलरिया शेख टोली, गुलरिया अहिरटोली, लोकनाथपुर, सेमरा,  सेमरा बीन टोली, रामगढ़वा, बड़हरवा, रायसिंहा, सिहुलिया, लोकसा, जमला, पटेरेवा, सुरहां, नंदपुर, महमुद नगर, गजपुरा, हंसुआहा, पटपरिया, बसतपुर, भरौलिया, लक्ष्मीपुर, बासमनपुर, संतपुर, टिकुलिया, थरघटवा, हराज, बदरहां,  मधुबनीघाट, सरैया के अलावा पूरे शहरी क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी प्रवेश कर रहा है। एवं कई क्षेत्र जलमग्न है। लखौरा पीडब्लूडी मार्ग पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है। शहर के नकछेद टोला, मठिया, तरकुलवा, चांदमारी, जानपुल, पंडाल चैक, बंजरिया आदि क्षेत्रो से शहर में पानी तेजी से प्रवेश कर रह है। कई गांवो में घर गिर गये है। पिछले दो दिनो से राहत सामगी नहीं पहुंची है। फंसे हुए लोगो को निकालने के लिए एनडीआरएफ एवं सेना के जवान नहीं पहुंच पाये है। इन जगहो पर अविलंब राहत एवं बचाव की दिशा में कार्रवाई सुश्चिित करें।
दूसरी ओर  गंडक की स्थिति नियंत्रण में है। बावजूद इसके चम्पारण तटबध के अंदर वाले गावो बाढ़ की पानी से घिरे हुये है। बांध के अंदर वाले गांव के लोग के लिए संकट गहरा जिसके चलते वैसे गांवो में त्राहिमाम की स्थिति कायम है। बताया गया है कि कुछ लोग पिछले दिनों सतर्कता को लेकर एसडीओ द्वारा बांटे गए पर्चे का फोटो लेकर अब वायरल कर रहे हैं, जिसके माध्यम से वे दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

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