डोकलाम विवाद पर भारत को मिला जापान का समर्थन

खबर आप तक ब्यूरो, दिल्ली
डोकलाम विवाद पर जापान ने भारत के रूख का समर्थन करते हुए अपना समर्थन दिया है। हालांकि जापान के इस कदम से चीन को तेज मिर्ची लग गई है, उसने जापान को सही बात की जानकारी लेकर ब्यान देने की सलाह दी है। भारत और चीन की सेनाएं डोकलाम में विगत 2 महीने से आमने-सामने हैं। दोनों देश इस गतिरोध पर अपने स्टैंड से पीछे हटने को तैयार नहीं है। चीन के साथ डोकलाम विवाद का भारत कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश कर रहा है। भारत के रूख को पहले ही अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने सही बताते हुए इसके साथ आने की घोषणा की है। लेकिन चीन के पड़ोसी देश जापान के समर्थन से भारत को और बल मिला है। यहां बता दे कि अगले महीने 13 से 15 सितंबर के बीच प्रधानमंत्री शिंजो आबे भारत यात्रा पर आ रहे हैं।
दोनों देश डोकलाम से सेना हटाए
चीन से विवाद को सुलझाने के लिए भारत का सुझाव था कि विवादित क्षेत्र से भारत व चीन दोनों अपनी सेना हटा ले। लेकिन चीन इसके लिए तैयार नहीं है। चीन का कहना है कि भारत बिना शर्त अपनी सेना डोकलाम से हटाए, लेकिन वह अपनी सेना के वहां रहने या हटने के बारे में कुछ नहीं कहता।
जापान के अनुसार चीन और भारत के बीच डोकलाम विवाद को वह बेहद करीब से देख रहा है। जापान का मानना है कि दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। जापान का यह भी मानना है कि विवादित क्षेत्रों में किसी पक्ष के द्वारा बल प्रयोग को गलत करार दिया है।
चीन कर रहा है दादागीरी
डोकलाम विवाद के बाद उत्तराखंड में बाड़ाहोती और जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में भी चीन के साथ तनाव बढ़ा है। लद्दाख में पैंग्योंग झील के समीप इसी हफ्ते चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। जिसे भारतीय सैनिकों ने विफल कर दिया।
इस दौरान चीनी सैनिको ने भारतीय पर पत्थर फेंके, जिसका जवाब भारतीय सैनिकों ने उसी अंदाज में दिया। लेकिन बाद में चीन ने यहां किसी तरह की घुसपैठ की कोशिश से साफ इनकार कर दिया। उत्तराखंड के बाराहोती में भी चीनी सैनिकों ने हाल के दिनों में घुसपैठ की। इस इलाके में बकरियां और भेड़ें चराने गए चरवाहों को भी चीनी सैनिकों ने वहां से भगा दिया था।
सीमा पर सबसे है चीन का विवाद
दुनिया के 14 देशों से चीन की करीब 22000 किमी सीमा लगती हैं। जो उत्तर कोरिया, रूस, मंगोलिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल, भूटान, म्यांमार, लाओस और वियतनाम से लगी है। लेकिन तकरीबन हर देश के साथ उसका सीमा विवाद चल रहा है। इसके अलावे साउथ चाईना सी में भी चीन की दादागीरी से काफी सारे देश परेशान हैं।
साउथ चायना सी में भी विवाद
साउथ चाइना सी में ताइवान, लाओस, फिलीपिंस, वियतनाम, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ चीन का विवाद है। जहां वह दादागिरी दिखाने से बाज नहीं आता। दक्षिण चीन सागर जो एक अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है को चीन अपना बताता है।
 
 

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