पूर्वी चंपारण: बाढ़ का फैलावा जारी, 20 प्रखंड आए चपेट में, 16 लाख आबादी प्रभावित

खबर आपतक डेस्क, मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले में बाढ़ का कहर बढ़ते जा रहा है। शुक्रवार को बाढ़ का पानी जिले के 20 प्रखंडों में फैल चुका है। बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने भी भाग लिया। मौके पर सूबे के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार भी मौजूद थे। बैठक में यह बात सामने आई कि जिले में बाढ़ की स्थिति काफी भयावह है और ऐसी बाढ़ काफी लंबे समय बाद जिले में आई है। जिला प्रशासन इतने बड़े बाढ़ की कल्पना तक नहीं किया था। बाढ़ को लेकर राज्य सरकार की ओर से विशेष जिलाधिकारी बना कर भेजे गये परिवहन आयुक्त सह पूर्व जिलाधिकारी अनुपम कुमार ने बताया कि सेना की दो टीमें बाढ़ सहाय्य कार्य में लगी है एवं एनडीआरएफ की तीन टीम कार्य कर रही है। सुगौली एवं बंजरिया में बाढ़ की स्थिति काफी भयावह है। ऐसी ही स्थिति मोतिहारी सदर प्रखंड के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है। ढाका, चिरैया, रक्सौल, पताही, आदापुर, बनकटवा आदि क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो रही है। सुगौली में हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को सहायता मुहैय्या कराई गई है। बैठक में सांसद डा. संजय कुमार जायसवाल, रमा देवी, विधायक राजेंद्र राम, श्यामबाबू यादव, डा. शमीम अहमद, रामचंद्र सहनी, विधान पार्षद सतीश कुमार, राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता, डीडीसी सुनील कुमार यादव के अलावा सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अविलंब राहत एवं बचाव के सभी उपाय किए जाएं। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

50 हजार लोगों तक पहुंचे राहत के पैकेट

बैठक के बाद डीएम रमण कुमार ने पत्रकारों को बताया कि जिले के 50 हजार लोगों तक राहत के पैकेट पहुंचाए जा चुके हैं। शेष लोगों तक इसे पहुंचाने का कार्य जारी है। पानी से घिरे लोगों तक सूखा भोजन पहुंचाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीम इस कार्य में लगी हुई है। इन्हें चूड़ा के पैकेट में अब एक किलो चना, गुड़ भी दिया जा रहा है। वहीं जहां पानी कम हुआ है वहां लोगों को भोजन बनाने के लिए पांच किलो चावल, एक किलो दाल, दो किलो आलू, एक किलो नमक, हल्दी का पैकेट एवं दवा की कीट दी जा रही है। ताकि वायरल फीवर होने पर लोग खुद को स्वस्थ्य रख सकें। उन्होंने कहा कि जहां पानी उतर चुका है उन क्षेत्रों में 130 सामुदायिक रसोईघर के माध्यम से लोगों को तैयार भोजन कराया जा रहा है। इसकी संख्या पानी हटते ही अन्य जगहों पर बढ़ाई जाएगी।

ठीक होगी सड़क, चापाकल से पानी एवं बिजली की व्यवस्था

श्री कुमार ने कहा कि जहां पानी उतर चुका है उन क्षेत्रों में पीएचईडी विभाग को कहा गया है कि वह अविलंब ठप पड़े चापाकलों को ठीक करे और लोगों के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराए। पशुओं के लिए चारा एवं दवा की व्यवस्था करने के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है कि वह जहां पानी हट चुका है वहां अविलंब ब्लीचिंग पाउडर की छिड़काव कराए और लोगों को पानी साफ करने के लिए क्लोरीन एवं हैलोजन टैबलेट मुहैया कराए। राजमार्ग, आरसीडी, ग्रामीण कार्य विभाग को कहा गया है कि जिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी हट चुका है वहां की क्षतिग्रस सड़कों को अविलंब मोटरेबल बनायी जाय ताकि पीड़ित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचायी जा सके। डीएम ने  कहा कि बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि जिन क्षेत्रों में पानी निकल चुका है वहां की व्यवस्था ठीक करें।

जिला से लेकर प्रखंडस्तरीय पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेवारी

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के सभी पदाधिकारियों की बाढ़ को लेकर जिम्मेवारी तय कर दी गई है। इसमें हर पदाधिकारी को अपने कार्य की प्रतिदिन रिपोर्ट देनी है। इस मामले में जो भी शिथिल पाया गया उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ को लेकर किसी प्रकार की कोई कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। कई अधिकारियों को चिह्नित किया गया है जो गायब हैं उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बिना सूचना के गायब लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।

प्रखंड स्तर पर भी होगी जनप्रतिनिधयों की बैठक

रमण कुमार ने बताया कि बाढ़ आपदा को लेकर प्रखंड स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की बैठक होगी, जिसमें पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे। जनप्रतिनिधियों से बाढ़ को लेकर जानकारी ली जाएगी। इनके द्वारा प्रभावित लोग एवं फसलों के नुकसान के बारे में भी पर्याप्त जानकारी ली जाएगी। डीएम ने कहा कि सरकार द्वारा उपलबध करायी जानेवाली सहायता को लेकर यह बैठक काफी अहम होगी।

बाढ़ पीड़ितों की सूची बनाएं कर्मचारी एवं अनुश्रवण समिति से कराएंगे अनुमोदन

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी 20 प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सूची सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से बनाया जाएगा एवं इसके बाद वरीय पदाधिकारी इस सूची के 10 प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद पंचायतस्तरीय अनुश्रवण समिति सूची को अनुमोदित करेगी। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर अनुश्रवण समिति के सभी सदस्यों एवं संबंधित कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बाढ़ सहायता की नकद राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में जाएगी। इसके लिए बैंकों को भी निर्देश दिया जा चुका है। सरकारी धनराशि का दुरूपयोग का मामला सामने आते ही कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।

सामाजिक संगठनों के साथ बैठक

बाढ़ पीड़ितों को जो सामाजिक संगठन मदद करना चाहते हैं उनकी बैठक शनिवार को बुलायी गई है। इसमें निबंधित संगठनों की मदद ली जाएगी। संगठनों को सुनिश्चित करना होगा कि वे पीड़ितों के लिए स्वस्थ्य एवं सुरक्षित भोजन का वितरण करेंगे। जिला प्रशासन ऐसे संगठनों को प्रोत्साहित करेगा। डीएम ने बताया कि कई संगठनों ने इसके लिए प्रस्ताव दिया है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

सेल्फी एवं असावधानी के कारण बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

डीएम ने बताया कि जिले में ज्यादातर मौतें अभिभावकों की लापरवाही से छोटे बच्चों की हुई जो बाढ़ के पानी में स्नाने करने के चक्कर में गहरे पानी में चले जा रहे हैं। इसलिए बच्चों पर कड़ी नजर रखी जाय औऱ उन्हें बाढ़ के पानी में नहीं जाने दिया जाय। दूसरी ओर अति उत्साहित कई नवजवानों की मौत सेल्फी लेने एवं धारा को पार कर दिखाने के चक्कर में हुई है। डीएम ने युवाओं से आग्रह किया कि वे बाढ़ के पानी में सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान नहीं गवाएं। अपने उत्साह पर नियंत्रण रखें।

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