1000 करोड़ के सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश

खबर आप तक ब्यूरो, पटना
बिहार के भागलपुर में हुए चर्चित सृजन घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी। इसके लिए बिहार सरकार ने सीबीआई इसकी जांच की सिफारिश की है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोटाले के व्यापकता को देखते हुए कहा है। अभी तक बरामद दास्तवेज के हिसाब से इसका आकार 1000 करोड़ को पार कर गया है। मामला तब खुला जब जिला भू- अर्जन कार्यालय ने किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन के भुगतान का चेक दिया जो बाउंस कर गया। यह खाता सृजन के को- आपरेटिव बैंक में था।
क्या है सृजन घोटाला
रांची की एनजीओ सृजन भागलपुर में महिला सशक्तिकरण का कार्य करती थी। इसी दौरान उसे सरकारी जमीन दफ्तर खोलने के दी गई। सृजन ने बाद में को-आपरेटिव बैंक शुरू किया। सृजन ने येन-प्रकारेण अपनी पहंच का इस्तेमाल कर तकरीबन हर सरकारी विभाग का खाता अपने यहां खुलवा लिया। जिसमें सरकार के करोड़ों रूपए जमा हुए। सृजन ने इन सरकारी पैसों को बिना किसी आदेश के निकाल कर बाजार में लगा कर मुनाफा कमाया।
पूर्व डीएम ने दिया था जांच का आदेश
भागलपिर के पूर्व डीएम प्रेम सिंह मीना ने सृजन एनजीओं की जांच का आदेश दिया था। लेकिन जांच को रहस्यमय तरीके से शिथिल कर दिया गया। डीएम के ट्रांसफर के बाद इस जांच का क्या हुआ किसी को पता नहीं चल पाया।
लालू ने की थी सीबीआई जांच की मांग
इस घोटाले को सामने लाते हुए इसके लिए सुशील कुमार मोदी को जिम्मेदार बताया था। जिसके बाद बिहार सरकार आर्थिक अपराध कोषांग को इसकी जांच का आदेश दिया था। पहले तो 300 करोड़ के घोटाले का अनुमान लगाया गया था। लेकिन जब आर्थिक अपराध कोषांग ने जांच शुरू की तो इस घोटाले की रकम बढ़ कर 1000 करोड़ से उपर पहुंच गई।
लालू ने घोटाले के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग कर डाली। सरकार ने भी इसकी व्यापकता व गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

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